जल्द ही अखिलेश यादव लेने वाले हैं बड़ा फैसला, देखें क्या है वो फैसला जो उत्तर प्रदेश की राजनीती बदल देगा।

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उत्तर प्रदेश के ‘समाजवादी परिवार’ में जारी घमासान के बीच अब मुख्‍यमंत्री आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन की तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि मंगलवार को पार्टी में दिखी ‘मुलायमियत’ के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और चुनाव आयोग में अपने मुकाबिल खड़े अपने पिता सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की लेकिन संकट दूर होने की कोई स्थिति फिर नहीं बन सकी। बता दें कि अखिलेश यादव और उनके खेमे की नजर न सिर्फ पार्टी और परिवार में मचे बवाल पर है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस और राष्ट्रीय लोक दल के साथ गठबंधन करने पर भी है।
 
सूत्रों के अनुसार, अखिलेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश में कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी), जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) समेत छह पाटियों के साथ महागठबंधन कर सकते हैं। चुनाव के लिए इस हफ्ते महागठबंधन का ऐलान कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि अखिलेश इस समय छह पार्टियों से महागठबंधन पर बातचीत कर रहे हैं। कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ अखिलेश की कई दौर की बातचीत हो चुकी है। अखिलेश इस बाबत आज या कल दिल्‍ली जा सकते हैं। राहुल गांधी के साथ बैठक में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन को लेकर चर्चा होगी। वहीं, राहुल गांधी वापस आते ही चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। राहुल के आवास पर कांग्रेस नेताओं की मीटिंग का दौर चल रहा है।
 
सूत्रों के हवाले से बताया गया कि अखिलेश यादव कांग्रेस के साथ सीटों के फैसलों पर विचार-विमर्श में लगे हुए हैं। सीटों के बंटवारे को लेकर अखिलेश राहुल और प्रियंका गांधी से सीधे संपर्क में भी हैं। राहुल गांधी के छुट्टी से लौटने के साथ ही इस गठबंधन की खबरों में तेजी आ गई है। सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन का रोडमैप तैयार हो चुका है और इस संबंध में जल्द घोषणा की जा सकती है। बताया जा रहा है कि गठबंधन होते ही राहुल और अखिलेश प्रदेश भर में संयुक्त चुनाव प्रचार पर निकलेंगे।
 
वहीं, सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि अखिलेश अगले हफ्ते ही पार्टी का घोषणापत्र जारी करेंगे। इस घोषणापत्र में समाजवादी कैंटीन, बीज, सिंचाई की नई योजना का जिक्र संभव है। अखिलेश इसमें तीन और एक्‍सप्रेस-वे का वादा कर सकते हैं। यूपी मेट्रो विस्‍तार का जिक्र भी संभव है। 
 
कांग्रेस की स्थिति क्या है ये किसी से छिपा नही है परंतु अखिलेश यादव की सबसे बड़ी नाकामी तो यही होगी यदि वो कांग्रेस जैसी पार्टी से गठबंधन करते हैं।