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अखिलेश का निष्कासन मुलायम सिंह यादव की एक गहरी राजनैतिक चाल! जानिए कैसे बिछाई हैं उन्होंने अपनी राजनैतिक गोटियाँ।

Posted on Posted in Politics
11:15 pm
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सपा में चल रहे अंतर्कलह ने नया मोड़ ले लिया है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन कर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पार्टी के राज्य सभा सदस्य रामगोपाल यादव को निष्कासित करने की घोषणा कर दी।
 
मुलायम ने कहा, “अखिलेश ने अनुशासनहीनता की इसलिए पार्टी से निकाला। रामगोपाल यादव अखिलेश का भविष्य खत्म कर रहे हैं और अखिलेश उनकी चाल समझ नहीं पा रहे। उन्होंने जानबूझकर एसी स्थिति पैदा की। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष पर हमला किया।”
 
उन्होंने आगे कहा, “रामगोपाल की तरफ से बुलाया गया पार्टी सम्मेलन असंवैधानिक है। सम्मेलन बुलाने के लिए एक दिन नहीं, कम से कम 15 दिन चाहिए। रामगोपाल को और कड़ी सजा दी जाएगी।”
 
सपा मुखिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं से रामगोपाल द्वारा बुलाई गई पार्टी की आपात सम्मेलन में शामिल न होने की अपील भी की।
 
इससे पहले बुधवार को मुलायम-शिवपाल पहले ही 325 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की गई थी। प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल की ओर से अब तक 393 उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है। अब केवल 10 सीटें बची हैं जिन पर उम्मीदवारों की घोषणा होनी बाकी है।
 
ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटें हैं और अगले कुछ दिनों में यहां चुनावों की घोषणा हो सकती है।
 
अखिलेश अब अपनी टीम के भरोसे चुनावी जंग जीतना चाहते हैं। उन्होंने हर उस दावेदार को टिकट दे दिया है जिसे सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने खारिज कर दिया था। कई सीटों पर तो सपा से दो-दो प्रत्याशी हो गए हैं।
 
अखिलेश की सूची में मंत्री पवन पांडेय अयोध्या से नामित हैं तो बेनी के बेटे के खिलाफ रामनगर से अरविंद सिंह गोप ताल ठोकेंगे। मुरादाबाद की तो कई सीटों पर अखिलेश खेमे ने समान्तर प्रत्याशी घोषित कर दी। अखिलेश की सूची में गोसाईंगज फैजाबाद से विधायक अभय सिंह का नाम भी है।
 
मुलायम शिवपाल समर्थक अतीक अहमद, रामपाल यादव समेत कई विधायकों को अखिलेश ने अपनी सूची में नहीं रखा है। अखिलेश ने अपने समर्थकों को अलग से चुनावी मैदान में उतरने का कहा है।
 
मुरादाबाद ग्रामीण में शौलत अली अखिलेश के प्रत्याशी हैं तो शमीमुल हक मुलायम की सूची में हैं। मुरादाबाद नगर में सपा ने हुमायूं कदीरा अंसारी का नाम तय किया तो अब वहीं से यूसुफ अंसारी भी प्रत्याशी हो गए हैं।
 
अमरोहा की धनौरा से उर्वशी सिंह के बाद अब जगराम सिंह प्रत्याशी हो गए है। यहीं की नौगात सादात से अबरार अहमद के बाद अशफाक अली खां भी प्रत्याशी हैं। छर्रा से तेजवीर सिंह के अलावा मुख्यमंत्री राकेश कुमार को लाया गया हैं। मलिहाबाद से इंदल कुमार रावत अपनी सीट पर प्रत्याशी हो गए। लखनऊ उत्तरी से सपा ने खाली छोड़ी थी।
 
अखिलेश ने मंत्री अभिषेक मिश्र को प्रत्याशी बना दिया। सुल्तानपुर सदर से विधायक अरुण वर्मा को सीएम ने टिकट दे दिया है। असल में अखिलेश की सूची में मौजूदा 171 विधायकों का नाम है। और जहां सपा के विधायक नहीं है, वहां से 64 प्रत्याशियों का नाम अखिलेश यादव ने अपनी सूची में जारी किया है। मुख्यमंत्री अखिलेश ने इन लोगों से चुनाव की तैयारी करने को कहा है।
 
गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद मायावती की पार्टी का सूबे में अब ज़्यादा प्रभाव नही है।असली लड़ाई सपा और भाजपा के भीतर ही चल रही है,इसलिए सपा के कार्यकताओं और सूबे की जनता के बीच एक माहौल बनाने के लिए अखिलेश का निष्कासन किया गया है।आपको बताते चले की अखिलेश यादव युवाओं के नेता के तौर पर दर्शाए जाते हैं और कुछ हद तक उनके काम भी वैसे हुए हैं परंतु अखिलेश यादव की पार्टी के नेता और उनके चाचा शिवपाल यादव का गुंडागर्दी और रंगदारी में पुराना नाता रहा है।
 
कुल मिलाकर मुलायम सिंह ने फिर से एकबार सूबे की जनता को बेवकूफ समझा है।अब जनता तय करेगी की उनको करना क्या है।
 

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