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उरी आतंकी हमले के संबंध में मनोहर पर्रिकर ने भी मानी अपनी गलती

Posted on Posted in Politics
12:50 pm

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने उरी आतंकी हमले के संबंध में यह स्‍वीकार करते हुए कहा कि कुछ न कुछ तो गलती जरूर हुई है। हम निश्चित रूप से इसकी छानबीन करेंगे कि क्‍या गलती हुई हुई है। 20 सितंबर 2016 जम्मू-कश्मीर उरी हमले के आतंकी सैनिकों जैसे बनकर आए थे, आईबी को मिले पाकिस्तान से जुड़े प्रमाणl उसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार को उरी के बकरवाल ट्राइब के तीन लोगों से सेना पर हुए हमले को लेकर पूछताछ कीl उन तीनों का कहना है कि, उन लोगों ने सात लोगों को सेना की वर्दी में सामान के साथ उरी में देखा था। उसके बाद 24 पेड़ के तनों को भी पाइन के जंगलों से बरामद किया गया है। उन लोंगो ने बताया कि नदी वाले क्षेत्रों को पार करने के लिए इनका इस्तमाल हुआ था। ये भी बताया जा रहा है कि, हमला करने वाले आतंकियों में से तीन आतंकवादियों ने चकमा देने के लिए अपने बाल छोटे करा रखे थे और शेव की हुई थी बिलकुल फौजियों की तरहl पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पाया गया है, कि मारे गए आतंकियों की उम्र 20 से ज्यादा थी। आतंकियों को हमले की जगह से 50 किलोमीटर दूर दफन कर दिया गया है। चारों आतंकियों के शरीर पर 169 गोलियां थीं।

 

विडियो : उरी हमले में शहीद सैनिकों की ये दास्ताँ देख खड़े हो उठेंगे सबके रोंगटे

 

जम्मू- कश्मीर उरी आतंकी हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ बताया जा रहा हैl इन हमले में बरामद हुए हथियार पाकिस्तान में बने हुए हैं,  इस खौफनाक आतंकी हमले में शहिद हुए सैनिकों की जानकारी देते हुए डीजीएमओ ने बताया कि शुरूआती रिपोर्ट से पता चलता है कि, हमले में शामिल आतंकवादी विदेशी थे। हमले के आतंकियों पास 4 एके 47 और ग्रेनेड्स बरामद किए हैं।

हमले की जगह से बरामद हुई 26 हाइ प्रोटीन चॉकलेट, छह एनर्जी ड्रिंक रेड बुल, तीन ORS के खाली पैकेट और कुछ दवाइयां। खास बात ये है कि सभी चीजों पर मिले मेड इन पाकिस्तान के स्टैम्प, उन्हें GPS सेट भी बरामद किया है, जिसमें सेट थे दो लोकेशन्स के कॉर्डिनेट। ये भी बात पता चली है अधिकारियों के द्वारा उन्हें जैश ए मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर की एक ऑडियो क्लिप के बारे में जानकारी दी थीl उस क्लिप में मसूद चीफ कमांडर शहबाज खान उर्फ़ गाजी बाबा की मौत का बदला लेने के लिए लोगों और सामान के ट्रांसपोर्ट की बात हो रही है। जीपीएस के पहले डाले गए कॉर्डिनेट के द्वारा ये पता चला है कि आतंकी फियादीन अटैक से पहले पाकिस्तान में थे। आईबी अधिकारी ने कहा, ‘अजहर इस ऑपरेशन पर निगरानी कर रहा था, फोन कॉल्स को भी ट्रेस किया जा रहा है !!

 

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