धरती के अंत के बारे में की गयी भविष्यवाणियां जिसने लोगों को खूब डराया!

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मुझे ये तो पता नही की दुनिया का विनाश होगा या नही, लेकिन एक चीज़ जो अटल सत्य है वो ये की जिस चीज़ का सृजन होता है उसका अंत अवश्य होता है।
आइये,आज हम उन्ही कुछ भविष्यवाणियों के बारे में चर्चा करेंगे जिसने मानव जाति को बहुत डराया है!
 
हालांकि, कयामत का दिन कब आएगा, इसकी कोई सटीक भविष्यवाणी कर पाना लगभग असंभव सा ही है. फिर भी कई सभ्यताओं और लोगों द्वारा इसकी भविष्यवाणी समय-समय पर होती रही है. दुनिया का अंत कैसे होगा? कब होगी विनाशलीला? ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब आज भी खोजे जा रहे हैं.
 
 
भविष्‍यवाणी की गई थी कि 2012 में दुनिया का अंत हो जायेगा. मैक्सिको की माया सभ्यता के कैलेण्डर के हिसाब से यह घोषणा की गई थी. माया सभ्यता की प्रमाणिकता इतनी थी कि उसकी भविष्यवाणी को सभी ने सच मान लिया था. भारत में तो सभी लोग अपनी अंतिम इच्छा पूरी करने की जद्दोजहद में लग गये थे. चारों तरफ हाहाकार मच गया था. टीवी, रेडियो और समाचार पत्रों ने तो लोगों की नींदे ही उड़ा दी थीं. लेकिन अन्य भविष्यवाणियों की तरह 2011 में चर्चा में आई ये भविष्यवाणी भी गलत साबित हुई. ऐसा कहा जा रहा था कि माया सभ्यता का कैलेंडर इसी दिन समाप्त हो रहा है.माया कैलेंडर में 21 दिसंबर 2012 के बाद की तिथि का वर्णन नहीं है. कैलेंडर अनुसार, उसके बाद पृथ्वी का अंत था. इस पर यकीन करने वाले कहते हैं कि हजारों साल पहले ही अनुमान लगा लिया गया था कि 21 दिसंबर, 2012 पृथ्वी पर प्रलय का दिन होना था. यह सभ्यता गणित और खगोल विज्ञान के मामले में बेहद उन्नत मानी गई थी. इस सभ्यता के कैलेंडर में पृथ्वी की उम्र 5126 वर्ष आंकी गई थी.
 
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वॉलकांस के नास्त्रेदमस के नाम से मशहूर बाबा वेंगा ने वैसे बहुत सी भविष्यवाणियां की थीं और उनकी अधिकतर भविष्यवाणियां सही भी साबित हुई हैं. लेकिन उन्होंने पृथ्वी को लेकर जो भविष्यवाणी की थी, उससे आम लोगों की चिंता बढ़ गई है. बाबा ने भविष्यवाणी की थी कि 5079 में दुनिया खत्म हो जाएगी. गौरतलब है कि 1996 में 85 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई. पता नहीं उनकी ये बात कितनी सही होगी?
 
अन्य भविष्यवक्ताओं के साथ ही लियोनार्दो दा विंचि ने भी दुनिया के अंत की भविष्यवाणी की है. दा विंचि के अनुसार, दुनिया का अंत 4006 में एक वैश्विक बाढ़ आयेगी और सारी दुनिया का सफाया हो जायेगा. लियोनार्दो दा विंचि इतालवी पुनर्जागरण के सबसे अधिक ज्ञाता के रूप में जाने जाते हैं. दा विंचि पेंटर, चित्रकार, इंजीनियर, संगीतज्ञ, वैज्ञानिक, गणितज्ञ, आविष्कारक और बहुत कुछ थे. दा विंचि के मुताबिक, दुनिया के खत्म होने की शुरुआत वैश्विक बाढ़ से 21 मार्च 40006 से शुरू होगी और 1 नवंबर 40006 तक पुरी दुनिया जलमग्न हो जाएगी और इस तरह से दुनिया का खात्मा हो जाएगा.
 
 
जीवन की रोज़मर्रा की समस्याओं के बीच एक बार फिर हाल ही में दुनिया तबाह होने की भविष्यवाणी की गई थी. इस भविष्यवाणी के मुताबिक, 29 जुलाई 2016 को पूरी दुनिया तबाह हो जाएगी. End Time Prophecies नाम की संस्था की भविष्यवाणी के अनुसार, यह कहा गया था कि पृथ्वी के चुम्बकीय ध्रुवों के पलटने से इस आपदा की शुरुआत होगी और धरती से जीवन ख़त्म हो जाएगा. इससे पहले End Time Prophecies की एक और भविष्यवाणी में कहा गया था कि इस दिन एक उल्का पिंड धरती से टकरा जाएगा. हालांकि, नतीज़ा सबके सामने है कि वो तिथि बीत भी गई और हम हंसी-खुशी जीवन जी भी रहे हैं.
 
 
 
दुनिया खत्म होने की एक और भविष्यवाणी सामने आई. 21 मई 2011 को दुनिया खत्म होने के बारे में भविष्यवाणी करने वाले अमेरिका के एक ज्योतिषी महोदय हैं, जिनका नाम है हेरॉल्ड कैंपिन. गौरतलब है कि कैंपिन ने बाइबिल के कुछ सूत्रों को आधार बनाकर दुनिया के अंत की भविष्यवाणी की थी.
 
 
 
साल 1997 में अमेरिकन रिलिजियस लीडर मार्शल एप्पलव्हाइट ने दुनिया खत्म होने का दावा किया था. उनका कहना था कि एक ऐसा स्पेसक्राप्ट धरती से टकरायागा, जिसे नासा नहीं देख सकेगा. हालांकि उनकी भविष्यवाणी गलत साबित हुई और बाद में उन्होंने खुद अपने कुछ फॉलोअर्स के साथ सुसाइड कर लिया था.
 
 
यह दुनिया कब तक चलती रहेगी? कब इस दुनिया का अंत होगा? यह सवाल हर किसी के मन में उठता है. दुनिया के कई भविष्यवक्ताओं में से एक फादर ऑफ मॉडर्न साइंस सर न्यूटन भी थे, जिन्होंने कहा था कि यह दुनिया 2060 में खत्म हो जायेगी. खास बात यह है कि न्यूटन ने यह ऐसे ही नहीं कहा था. इसके पीछे भी एक फॉर्मूला था. न्यूटन द्वारा 1704 में लिखे एक नोट से इस बात की पुष्टि होती है. उन्होंने उसी समय भविष्यवाणी कर दी थी कि 2060 के बाद पृथ्वी की तबाही शुरू हो जाएगी.
 
 
जर्मनी के सम्मानित गणितज्ञ और ज्योतिषी Johannes Stöffler ने यह भविष्यवाणी की थी कि 25 फरवरी,1524 को पूरी पृथ्वी पानी से अच्छादित हो जाएगी. ऐसी बाढ़ आयेगी कि पूरी दुनिया जलमग्न हो जाएगी. इसके बाद चारों तरफ दहशत फैल गई. लेकिन ये भविष्यवाणी भी गलत साबित हुई. हालांकि इस दिन बाढ़ तो नहीं आई लेकिन हल्की बारिश ज़रूर हुई.
 
 
ताइवान के धार्मिक गुरू मिंग चेन उर्फ चेन ताओ या ट्रू वे ने यूएफओ के सिद्धांत और ईसाई और बौद्ध धर्म को आधार मानकर ये घोषणा की थी कि 25 मार्च 1988 को गॉड खुद धरती पर आकर तबाही की घोषणा करेंगे. उसी वर्ष तबाही भी होगी. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. हालांकि इस भविष्यवाणी की ख़बर से सारा मीडिया भरा पड़ा था.
 
 
 
प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टीफन विलियम हॉकिंग ने दावा किया है कि मानव जाति अधिकतम एक हज़ार साल तक जीवित रह सकती है क्योंकि पृथ्वी का एक गोला एक हज़ार साल में समाप्त हो जाएगा. उन्होंने कहा कि मनुष्य को एक हज़ार साल के भीतर किसी अन्य ग्रह पर बस्तियां बसानी होंगी.
 
ये तो तय है कि दुनिया का अंत कभी न कभी तो होगा ही,मगर जबतक आपकी ज़िंदगी है तबतक इसे खुलकर जीएं और इस प्रकृति का भरपूर आनन्द लें!हिन्दू धर्म के अनुसार तो कलयुग का अंत भगवान विष्णु के ग्यारहवे अवतार ‘कल्कि’ करेंगे!
 
अब देखने वाली बात ये रहेगी की आखिर क्या ये भविष्यवाणियां सच साबित होंगी?

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