आम आदमी पार्टी का पंजाब में एक और घिनौना रूप,केजरीवाल ने फिर नीचता की सीमाएं लाँघी

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सत्ता के लिए आम आदमी पार्टी की हद तक गिर सकती है ये देखने को मिला पंजाब में।केजरीअल और उनकी पार्टी का एक और घिनौना रूप सामने आया।ये खबर पंजाब की हैं जहाँ राजनीती फिर लज्जित हुई है।
 
bant singh dalit aap
 
बेटी के साथ दरिंदगी करने वालों को हार का मुंह तो दिखाया पर इन सबमें अपने हाथ-पैर खो बैठे. सालों के संघर्ष के बाद न्याय तो मिल गया पर अब दुश्मनों का साथ देने को मजबूर हैं. नाम है बंत सिंह झब्बर.
 
बंत सिंह फिर से उनके साथ खड़े हैं, जिन्होंने उनकी बेटी और उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी. बंत सिंह के जीवन में यह स्थिति आई किसकी वजह से है, आम आदमी पार्टी (आप) की वजह से.
 
जी, आपने सही पढ़ा, आप पार्टी ने ऐसा किया है, जिसकी वजह से एक संघर्षरत पिता को अपने गुनाहगारों के साथ एक होना पड़ेगा. दरअसल बंत सिंह सोमवार को आप में शामिल हो गये हैं, पर यह बात उन्हें पहले बताई ही नहीं गयी थी कि कि उनके गुनहगार हरबिंदर और नवदीप भी आप में शामिल हो रहे हैं. नवदीप जाट महासभा का पदाधिकारी भी है. पंजाब प्रभारी संजय सिंह ने कहा, “उन्हें हरबिंदर और नवदीप के बारे में जानकारी नहीं थी। इसलिए इस मामले की जांच की जाएगी।
 
बता दें, पंजाब चुनाव से ठीक पहले यह सब हुआ है. और इस किस्से की वजह से बंत सिंह की छवि के साथ वोट पाने की चाहत आप के लिए महंगी न पड़ जाए.
 
 
रविवार को मानसा के गोशाला भवन में आप के पंजाब प्रभारी संजय सिंह ने बंत सिंह की पार्टी में ज्वॉइनिंग कराई है.व्हीलचेयर पर आए बंत सिंह मंच पर नहीं चढ़ सके, इसलिए संजय ने स्टेज से उतरकर उन्हें पार्टी की सदस्यता दी. स्टेज पर हरबिंदर सिंह और नवदीप सिंह को भी पार्टी की मेंबरशिप दी गई. ये दोनों वही लोग हैं, जिन्होंने 2000 में बंत सिंह की बेटी के साथ दरिंदगी की थी.
 
बंत सिंह ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया तो उनके दोनों हाथ और एक पैर काट दिए थे. बंत सिंह केस वापस ले लें, इसके लिए काफी कोशिश भी की थी. लेकिन बंत सिंह ने लड़ाई जारी रखी और दोनों को सजा दिलाई.अब हरबिंदर और नवदीप 7 साल की सजा पूरी कर चुके हैं.
 
लिबरेशन पार्टी छोड़कर आए बंत सिंह ने कहा, “ये बात अलग है कि मेरी बेटी की जिंदगी खराब करने वाले भी अब आम आदमी पार्टी में हैं, लेकिन मैं अपनी लड़ाई जारी रखूंगा.अब मेरी लड़ाई ने नई करवट ले ली है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा भी दिन आएगा.”
 
ये वाकया ये बताने के लिए काफी है कि सत्ता के लालच में अरविन्द केजरीवाल किसी भी हद तक जा सकते हैं।केजरीवाल ने इससे पहले भी देश के टुकड़े करने की बात कहने वाले कन्हैय्या कुमार का साथ दिया था।केजरीवाल खालिस्तान का भी समर्थन कर चुके हैं और तो और वो सेना के सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत तक मांग चुके हैं।