सुषमा स्वाराज UN : UN में नवाज शरीफ की स्पीच के 5 दिन बाद सुषमा ने उन्हें जवाब दिया।

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11:21 am

UN में सुषमा का PAK को करारा जवाब: कहा- आतंकवादियों को पालना कुछ देशों का शौक बन गया है, वो कश्मीर का ख्वाब देखना छोड़ दे !!

 

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यूएन में पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ की स्पीच के 5 दिन बाद सुषमा स्वराज ने सोमवार को उन्हें करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का है और रहेगा। पाकिस्तान को ख्वाब देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कश्मीर में ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन होने के पाकिस्तान के आरोपों का भी कड़ा जवाब दिया। कहा- जिनके घर शीशे के हों, उन्हें दूसरों के घर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें आतंकवाद से मुकाबले के लिए रणनीति बनानी होगी। यदि कोई देश इस तरह की रणनीति में शामिल नहीं होना चाहे, तो हम उसे अलग-थलग कर देंगे। ऐसे देश बोते भी हैं तो आतंकवाद, बेचते भी हैं तो आतंकवाद, निर्यात भी करते हैं तो आतंकवाद।
 
पढ़ें सुषमा की स्पीच के हाईलाइट्स…
 
 ”बहादुर अली तो जिंदा सबूत हैं हमारे पास कि सीमा पार से आतंकी आया है। एक चीज बता दूं कि अगर पाकिस्तान ये समझता है कि वह इस तरह की हरकत करके या भड़काऊ बयान देकर भारत का कोई हिस्सा हमसे छीन सकता है तो मैं पूरी दृढ़ता और स्पष्टता से कहना चाहती हूं कि आपका ये मंसूबा कभी पूरा नहीं होगा। कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और अभिन्न हिस्सा रहेगा, इसलिए ये ख्वाब देखना छोड़ दें।”
 
 
 ”हमने शर्तों के आधार पर नहीं, मित्रता के आधार पर सारे मामले सुलझाने की पहल की थी। कभी ईद की शुभकामनाएंकभी क्रिकेट की शुभकामनाएं। कभी स्वास्थ्य का कुशल-क्षेम। हमने दो बरस में मित्रता का वो पैमाना खड़ा किया जो पहले कभी नहीं थाहमें मिला क्या बदले में? पठानकोट, उड़ी, बहादुर अली? मैं पूछना चाहती हूं- हम शर्तें लगा रहे हैं या आप दूसरी नीयत दिखा रहे हैं?”
 
पूरा वीडियो : सुषमा स्वराज जी का भाषण 
 
 
 ”दूसरी बात उन्होंने कही कि भारत पाकिस्तान पर शर्तें थोप रहा है। मैं पूछना चाहती हूं कि कौन-सी शर्त। किस शर्त की बात की जा रही है? हमारे शपथ ग्रहण से पहले जब हमने आपके प्रधानमंत्री को न्योता दिया था, तो क्या कोई शर्त रखी थी? मैं खुद इस्लामाबाद गई थी समग्र वार्ता शुरू करवाने के लिए तो क्या कोई शर्त रखी थी? प्रधानमंत्री मोदी काबुल से दिल्ली आते हुए लाहौर उतर गए थे। कोई शर्त लगाकर गए थे क्या?’’
 
सुषमा ने कहा, ”21 तारीख को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इसी मंच से दो बातें कही थीं। उन्होंने कहा था कि कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन हो रहा है। मैं इतना ही कहूंगी कि जिनके अपने घर शीशे के हों, उन्हें दूसरों के घर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। एक बार बगल में झांककर देख लें कि क्या हो रहा है बलूचिस्तान में। वहां जो हो रहा है। वे खुद क्या कह रहे हैं वहां। मैं कहना चाहूंगी कि बलूचिस्तान में जो हो रहा है वह यातनाओं की पराकाष्ठा है।’’
 
“हमें आतंकवाद से मुकाबले के लिए रणनीति बनानी होगी। यदि कोई देश इस तरह की रणनीति में शामिल नहीं होना चाहे, तो हम उसे अलग-थलग कर देंगे। ये देश बोते भी हैं तो आतंकवाद, बेचते भी हैं तो आतंकवाद, निर्यात भी करते हैं तो आतंकवाद। आतंकवादियों को पालना कुछ देशों का शौक बन गया है। उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। यूएन की तरफ से आतंकी करार दिए गए लोग सरेआम जलसे करते हैं। वो देश दोषी हैं जो उन्हें ऐसा करने देते हैं। ऐसे देशों की विश्व समुदाय में जगह नहीं होनी चाहिए।”
 
 “जिस किसी ने भी हिंसक विचारधरा के बीज बोए हैं, उनका बुरा नतीजा हुआ है। मेरा या पराया कहकर, हम जंग को नहीं जीत पाएंगे। आतंकवाद को जड़ से उखाड़ना चाहते हैं तो एक ही तरीका है कि मतभेद भुलाकर एकजुट हों। पुराने समीकरण तोड़ने होंगे। पसंद-नापसंद को भूलना होगा।”
“आतंकवाद मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघन है। क्योंकि वो निर्दोष लोगों को निशाना बनाता है, वह बेगुनाहों को मारता है। इन आतंकियों को पनाह देने वाले कौन हैं। इनका न बैंक है, न फैक्ट्री है। कौन इन्हें सहारा देता है। संरक्षण देता है। ऐसे ही सवाल इस मंच से अफगानिस्तान ने इसी मंच से उठाए थे।”
 
“इसी महीने इस शहर में हुए 9/11 हमने की आतंकी बरसी थी। हम इस शहर के दर्द को समझते हैं। हम पर भी इन्हीं ताकतों ने आतंकी हमला किया। लेकिन आतंकवाद का शिकार हुए मासूमों के खून और आंसुओं के बावजूद पेरिस, काबुल से लेकर पठानकोट और उड़ी हमला याद दिलाता है कि हम इसे रोकने में सफल नहीं हुए हैं।”
 
”इंटरनेशनल सोलर अलायंस का गठन हमारी अभिनव पहल है। मैं इस मंच से विश्वास दिलाती हूं कि भारत जलवायु परिवर्तन के मामले में अग्रणी भूमिका निभाएगा। भारत 2 अक्टूबर को इंस्ट्रूमेंट ऑफ निगोशिएशन जमा करा देगा। 2 अक्टूबर चुना क्योंकि महात्मा गांधीजी की जयंती है।”
 
सुषमा ने कहा कि योग भारत का वह प्राचीन ज्ञान है। वह टिकाऊ जीवनशैली का सिद्धांत देता है। योग को पिछले दो साल में आप लोगों ने जो रिस्पॉन्स दिया है, उसके लिए भारत आभारी है।

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